बस तुम मुझें समझना

 जब सब समझना बंद कर दे मुझें 
तब तुम समझने की कोशिश करना 

ज़ब मैं बोलते बोलते चुप हो जाऊ कभी 
तब मेरे उस मौन में मेरी व्यथा को समझना 

मैं परेशान होने पर भी कभी नहीं कहती 
बस उस वक्त मेरे गिरते हुए आँसुओं को समझना 

दम घुटता है मेरा लोगों की भीड़ मैं अक्सर 
मेरी उस समय की चिड़चिड़ाहट को समझना 

 सुनो मेरी अब हर ख्वाइश तुमसे हैं 
पर उस ख्वाब तुम कैसे हो इस बात को समझना 

अब तक घर में सबको सम्हाला हैँ मैंने 
पर अब थक के टूट गई हूं मैं मेरी इस थकान को समझना 

बहुत साधारण सी लड़की हूँ मैं 
तुम ना समझे तों खुद से हर जाउंगी इस बात को समझना।❤️


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