तुम बिन Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 22, 2025 तुम बिन नैना दुखन लागे रोवत निस दिन फिर ये जागे आये परु मैं शरण मे तेरी.... ऐसे भाग कब मेरे जागे 'भान अली' ढूढ़े कुंज गली में कहवत सखी वंशी वट ठाड़े। मन्दिर मन्दिर मैं ना खोजूं संतन बीच बैठे तुम रसमाते। Read more
22 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 22, 2025 ना दिन थम रहें ना रात थम रही हैं उम्मीदें मेरी फिर क्यों पल रही हैं बिखर सी गई है जिंदगी मेरी.... ये सांसे बेमतलब सी चल रही है। Read more