प्रिया

दोहा - हठ छोड़ो प्यारी राधिका ,होरी खेलन आयो ब्रज राज
कर जोड़  बिनती करे  बिनती करे, कृष्ण तुम्हारो आज।



ये  तो सैन मार हस जाए ,मेरो मदना  बड़ो रसीलो सो
याके आंखन को कजरा जुलम करे ,होरी में ये उदम खूब करे..ये तो नैनो के बाण चलाए । मेरो मदना बड़ो रसीलो सो।।1
ये तो रसिया बहुत रसिलो है ,ये तो छैला बहुत रंगीलो है
 लाला मोहे कुंजन मे ले जाएं ।मेरो मदना बहुत रसिलो सो।।2
मेरे ब्रज की होरी न होरा है, प्यारो शुक नैनन को हीरा है 
यापे प्रियाशु बलि बलि जाएं। मेरो मदना बड़ो रसीलो सो।।3

✍️✍️प्रियांशु शर्मा

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