मथुरा

 साँझी में मथुरा बनायों निरख निरख मन सुख पायौ
वारों मदना साँझी में घुटुअन घुटुअन खेलत पायौ
धवल कुसुम अनगिनत रंगन सौ प्यारी ने स्वयं बनायौ
काठ की मुरली पास रखी हस्त कमल माखन पवायौ
कहवत सहचरी पूजौ साँझी ,भानुजा जे सुख भागन पायौ
गुरुदेव कृपा सो मन मंदिर में भानुजा आज ने मथुरा बनायौ

भानुजा शर्मा
शुक निकुंज

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