वृन्दावन

साँझी रची आज वृंदावन
सेवा कुंज में बैठी प्यारी,प्रियतम लगे केश सँवारन,
बेनी गोवत लाड़ली लाल,शोभा सहचरी लगी निहारन
कुसुम गुच्छ लगावत प्यारों,नीली चुनर शीश धरावन
निरखत परस्पर दोउ वर,भानुजा अंखियन नीर ढ़रावन

भानुजा शर्मा✍️✍️
शुक निकुंज


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