तुम बिन रयो ना जाये

प्यारे तुम बिन रयो ना जाये
दिन निकारू जैसे तैसे रेन काटी ना जाये।
जित देखूं उत तू ही दिखत हाथ काहे ना आये।
मार देत तुम नैनन ही नैनन वध कहो ना जाये।
मर रही हम गोपियां निस दिन काहे दया ना आये
एक उपाय हमरे बचवे को श्याम आये गल लग जाये।
'भान अली' अपने माधव बिन अब रयो ना जाये

भानुजा✍️✍️✍️




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