चरनन पुष्प

राजत सिंहासन आज किशोरी
चुनी चुनी कमल लाये पिया तोरी
बैठत लला चरनन प्यारी,मान कर बैठी सुकुँवारी
एक एक कमल चरनन वारी, तजो हट व्रजराज दुलारी
हस्तकमल लीने प्रिय प्यारी, श्यामा गिरधर अंक दुलारी
राधा माधव छवि अनोखी,भानु बेरी अंखिया झपके निगोड़ी
            भानुजा ✍️✍️❣️

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