21.9.23 ganesh utsab

इस दिल ने सब सहना सीख लिया है
या देख कर झुठलाना सीख लिया हैं

खुश होती हूँ अब तेरी खुशी में
मैंने भी गम में मुस्कुराना सीख लिया हैं।






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