बसंत पंचमी

बसंत बहार छाई प्यारी,अनुपम बसन अद्भुत सारी
बसंत पुष्प श्रृंगार निरालो,सरसों फूल रुचि कंगन प्यारो

छोड़े अंगीठी सोर रजाई,अबीर गुलाल लाल मन भाई
धारण करि पुष्पन जयमाला,कुंज निकुंज कुसुम बिछाई

शारदे वंदन कर सग सखियां, विद्या बुद्धि प्रीत वर पाई
करत प्रणाम भानुजा गुरुवर कौ, नवरस प्रवेश सुख पाई

भानुजा शर्मा

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