अजीब कहानी💐

मेरी भी ना अजीब कहानी है
जिस बात से परेशां है दिल वो तेरी मेहरबानी है

आज भी मन में उलझने बहुत सारी हैं
फिर भी तेरी यादें सब पर भारी है।

क्या पहुंचता नहीं मेरी यादों का तूफां तुम तक
क्या अभी भी तेरी गली में खामोशी जारी है।।

अब नहीं बरसते ये बादल आंखों से
मन के दरिया में अश्कों का उफान जारी है।

नहीं निकलती इन लवों से सिसकियां.....
लगता हैं जख्मों से जान पहचान पुरानी है।

भानुजा✍️✍️✍️



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