सुनता नही दिल

सुनता नहीं दिल अब तो किसी की
आदत सी हो गई है अब तो उसी की

राहों में चलते राह देखे उसी की
कमबख्त कहता है यह मंजिल उसी की

 धूप छांव सी मोहब्बत है यह उसी की
कहता है  सबसे भानु मैं हूं बस उसी की।

            भानुजा ✍️✍️

 



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